एक खत मेरे बेटे के नाम

प्यारे बेटे अथर्व... माय लव... मेरी जान हो तुम। तुम जब से मेरे जीवन में आए हो, दुनिया की सारी मासूमियत मैने तुममे देखी है, तुम में मैं खुद को भी देखती हूँ और तुम्हारे पापा को भी। मैं एक अच्छी माँ हूँ या नहीं पता नहीं लेकिन तुम्हारे पापा एक अच्छे पापा हैं और हमेशा रहेंगे इतना जरूर कह सकती हूँ। क्योंकि वो एक अच्छा बेटा है तो अच्छा बाप भी बनेगा। मुझे नहीं पता मैं कब तक हूँ इस दुनिया में। शायद हमेशा रहूंगी तुम्हारे साथ, हर कदम, हर पल... तब तक तुम्हे कलेजे से लगा कर रखना चाहती हूँ जब तक तुम अपने पैरों पर खड़े न हो जाओ, अपने जीवन के फैसले खुद लेने लायक न हो जाओ। अभी मेरे दिल में जो है वो लिखती जा रही हूँ। ये खत इसीलिए भी लिख रही हूँ की कई सालों बाद जब मेरा नाम तुम गूगल पर सर्च करो तो अपनी मां का ये खत तुम्हे मिले और तुम ये जान सको कि तुम्हारी मां तुम्हे कितना प्यार करती है। काश मेरी मां ने भी मेरे लिए अपनी डायरी में कुछ लिखा होता, काश मुझे ये मालूम चल पाता कि क्या वो मुझे चाहती थी या नहीं। वो मुझे क्यों छोड़ कर चली गई ये टीस मेरे मन में हमेशा रही। वो नहीं है इस बाद का मलाल पूरी जिंदगी मुझे रहा लेकिन जब से तुम मेरी गोद में आए हो मैंने अपना वो पूरा स्नेह तुम्हे सौंप दिया है जो तुम्हारी नानी के लिए मेरी मन के कोने में हमेशा से छुपा बैठा था। अब वो टीस नहीं है मन में। अब बस तुम हो, तुम्हारी चिंता मुझे हमेशा रहती है, ऑफिस जाती हूँ तो सोचती हूँ तुमने कुछ खाया होगा या नहीं, तुम्हे जब भी चोट लग जाती है तो कलेजा गले तक आ जाता है। तुम 14 महीने के थे जब तुम्हारे सिर में टांके आए, 15 महीने के हुए जब तुम्हारे गाल पर चोट लगी और अभी 22 महीने के हुए तब दोबारा सिर में चोट लगी। तीनों बार मेरा दिल अंदर से बहुत रोया। लेकिन मैं किस पर गुस्सा करूं कि बच्चे का ध्यान नहीं रखा। बस मन ही मन खुद पर गुस्सा हो लेती हूँ कि मैं क्यों नहीं थी वहां तुम्हे गिरने से बचाने के लिए। मैं ये बातें बस लिख रही हूँ ये मेरे लिए बुरी यादें बन रही हैं लेकिन मैं इन्हें अपने मन में पोषित नहीं करूंगी। भविष्य में जब तुम बड़े हो जाओगे तो ये बातें मैं नहीं दोहराऊंगी। मैं तुम्हे उस बोझ तले नहीं दबाऊंगी जिसमें आज हम दब रहे हैं। मैं तुम्हे कभी ये कहने का मौका नहीं दूंगी कि हमने तुम्हे क्यों पैदा किया। हमने तुम्हे अपनी इच्छा से पैदा किया। क्योंकि हमें तुम चाहिए थे। मैं तुमसे कभी ये नहीं कहूंगी कि मैने तुम्हे काबिल बनाया। क्योंकि मैं जानती हूँ तुम जो भी बनोगे अपनी काबिलियत पर बनोगे तुम हमारे बेटे हो। मेरे और अपने पापा के। लव यू बच्चा😘

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